भरी बरसात में उड कर दिखा ए माहिर परिंदे,
आसमान खुला हो तो तिनके भी सफर कीया करते है.........
इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ,
शायद तुमने ही पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे..
आसमान खुला हो तो तिनके भी सफर कीया करते है.........
इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ,
शायद तुमने ही पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे..
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