होठों को मुस्कुराने की आदत सी हो गई,
हंस-हंस के गम उठाने की आदत सी हो गई,,
हर लम्हा, अब तो भूल के अपने वजूद को,
यादों में डूब जाने की आदत सी हो गई,,
होठों को मुस्कुराने की आदत सी हो गई,
हंस-हंस के गम उठाने की आदत सी हो गई,,
हर लम्हा, अब तो भूल के अपने वजूद को,
यादों में डूब जाने की आदत सी हो गई,,
हम ने मोहब्बत के नशे में आ कर उसे खुदा बना डाला,
होश तब आया जब उस ने कहा कि खुदा किसी एक का नहीं होता।